India 6G Mission 2025 :- भारत सरकार ने 6G टेक्नोलॉजी के विकास को लेकर “India 6G Mission 2025” शुरू किया है। जानिए कब शुरू होगा 6G नेटवर्क, इसकी स्पीड कितनी होगी, कौन-सी कंपनियां टेस्टिंग में शामिल हैं और इससे क्या फायदा होगा।
India 6G Mission 2025– भारत अब अपनी डिजिटल क्रांति के अगले दौर में प्रवेश कर रहा है, जिसके लिए सरकार ने “इंडिया 6G मिशन 2025” की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी मिशन का उद्देश्य साल 2030 तक देश में 6G नेटवर्क लॉन्च करना है। एक बार लॉन्च होने के बाद, इंटरनेट की गति वर्तमान 5G स्पीड की तुलना में 100 गुना तक तेज हो जाएगी, जो एक बड़ा बदलाव लाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि यह 6G तकनीक भारत को डिजिटल क्षेत्र में विश्व का लीडर बनाने में एक अहम भूमिका निभाएगी।

India 6G Mission क्या है?
“इंडिया 6G मिशन” को दूरसंचार विभाग (DoT) और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मिलकर शुरू किया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य भारत में छठी पीढ़ी (6G) की मोबाइल नेटवर्क तकनीक को पूरी तरह से विकसित करना और इसके लिए देश के अंदर ही जरूरी बुनियादी ढाँचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) तैयार करना है।
इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए, सरकार ने एक विशेष संगठन भी बनाया है, जिसका नाम “भारत 6G एलायंस (B6GA)” है। यह संस्था शोध (रिसर्च), विकास (डेवलपमेंट) और परीक्षण (टेस्टिंग) जैसे महत्वपूर्ण कामों की देखरेख करेगी।
6G नेटवर्क की मुख्य विशेषताएं:
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| स्पीड | 1 टेराबिट प्रति सेकंड (5G से लगभग 100 गुना तेज़) |
| लेटेंसी (Delay) | 0.1 मिलीसेकंड तक (अत्यंत तेज़ प्रतिक्रिया समय) |
| AI एकीकरण | Artificial Intelligence आधारित नेटवर्क प्रबंधन |
| स्पेस नेटवर्क | सैटेलाइट और टेर्रिस्ट्रियल दोनों नेटवर्क का संयोजन |
| स्मार्ट डिवाइस कनेक्टिविटी | IoT, ड्रोन, ऑटोनॉमस कार्स, स्मार्ट सिटी में उपयोग |
भारत में 6G पर काम कर रहीं कंपनियां:
भारत में 6G तकनीक को ज़मीन पर उतारने के लिए प्रमुख कंपनियां और सरकारी संस्थाएँ सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने अपने रिसर्च सेंटर में 6G लैब स्थापित कर दी है। वहीं, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) फिनलैंड की कंपनी नोकिया (Nokia) के साथ मिलकर 6G टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग (परीक्षण) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
दूसरी ओर, टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) पूरी तरह से भारतीय निर्मित 6G चिप्स बनाने पर जोर दे रही है। इसके साथ ही, इसरो (ISRO) और दूरसंचार विभाग (DoT) मिलकर देश के लिए सैटेलाइट इंटरनेट (उपग्रह आधारित इंटरनेट) और भविष्य के 6G नेटवर्क के लिए जरूरी स्पेक्ट्रम (तरंगों) को तैयार करने के काम में लगे हुए हैं।
6G से क्या-क्या बदलेगा?
6G नेटवर्क के आने से जीवन के कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेंगे। स्मार्ट सिटी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की मदद से हर घर और वाहन इंटरनेट से जुड़ा रहेगा। स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) के क्षेत्र में बड़ा सुधार आएगा, जिससे रियल-टाइम सर्जरी और दूर बैठकर इलाज (रिमोट ट्रीटमेंट) करना संभव हो जाएगा।
शिक्षा के लिए होलोग्राम क्लासरूम और वर्चुअल लैब्स आम हो जाएंगी, जिससे पढ़ाई का अनुभव बदल जाएगा। उद्योगों में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ऑटोमेशन से फैक्ट्रियों का संचालन तेज और अधिक सटीक होगा। अंत में, सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भी रियल-टाइम डेटा और हाई-स्पीड कम्युनिकेशन के कारण हमारी सेना को बड़ा फायदा मिलेगा।
📅 India 6G Mission की टाइमलाइन:
| चरण | समयसीमा | उद्देश्य |
|---|---|---|
| 6G विज़न डॉक्यूमेंट जारी | मार्च 2023 | भारत में 6G रोडमैप तय करना |
| रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) | 2024–2025 | 6G टेक्नोलॉजी का घरेलू परीक्षण |
| ट्रायल फेज़ | 2025–2027 | पायलट प्रोजेक्ट और पब्लिक टेस्टिंग |
| वाणिज्यिक लॉन्च | 2029–2030 | देशभर में 6G नेटवर्क उपलब्ध कराना |
6G से भारत को क्या फायदा होगा?
- भारत “टेक्नोलॉजी एक्सपोर्टर” बन सकेगा, न कि सिर्फ उपभोक्ता।
- स्थानीय चिप निर्माण, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- “डिजिटल इंडिया” और “मेक इन इंडिया” को वैश्विक पहचान मिलेगी।
- 6G के चलते भारत स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थटेक में अग्रणी होगा।
6G और ग्लोबल कम्पटीशन:
हालांकि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश पहले ही 6G तकनीक पर काम शुरू कर चुके हैं, लेकिन भारत का उद्देश्य केवल “समान गति से चलना नहीं, बल्कि उनसे आगे निकलना” है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, ‘भारत 6G एलायंस’ में 100 से अधिक विश्वविद्यालय, 50 से ज़्यादा टेक्नोलॉजी कंपनियाँ और दर्जनों स्टार्टअप शामिल हो चुके हैं। ये सभी मिलकर 6G तकनीक को पूरी तरह से भारतीय पहचान देने पर काम कर रहे हैं।
निष्कर्ष (Conclusion):
“इंडिया 6G मिशन 2025” केवल एक तकनीकी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का भारत का मजबूत संकल्प है। जब यह 6G नेटवर्क लॉन्च होगा, तब न केवल इंटरनेट की स्पीड बहुत तेज़ होगी, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और सुरक्षा जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। यह मिशन साबित करता है कि भारत अब सिर्फ़ टेक्नोलॉजी का उपयोगकर्ता (Consumer) बनकर नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले डिजिटल भविष्य का एक प्रमुख निर्माता (Creator) बनने जा रहा है।